Rashi Saxena
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29/01/2020 | 03:12: PM
जीवन शैली / जीवन शैली | 66

क्या है कोरोना वायरस ? जानें बचने के उपाय

What is corona virus? Learn ways to avoid


क्या है कोरोना वायरस, जिससे घबराई है पूरी दुनिया, अबतक 17 की मौत

चीन में नए कोरोनावायरस से बुधवार को मरने वालों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है, जबकि संक्रमण के मामलों में तेजी से इजाफा हुआ है और अब तक चीन में इसके करीब 444 मामले सामने आ चुके हैं। सरकारी समाचार पत्र ’चाइना डेली’ की खबर के अनुसार इस वायरस के कारण 17 लोगों की मौत हो चुकी है।


वायरस को लेकर भारत में भी सतर्कता बरती जा रही है। देश के सात हवाईअड्डों पर थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गई है। चीन और हांगकांग से लौटे यात्रियों की थर्मल जांच की जाएगी। खतरा इसलिए भी अधिक बढ़ रहा है, क्योंकि ये वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भी जा सकता है। चीन में इस वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 444 हो चुकी है। यह नया कोरोनावायरस दिसंबर महीने में सबसे पहले चीन में पकड़ में आया था, लेकिन अब यह चीन की सीमा को पार करके दूसरे देशों में भी पहुंच गया है। 


ताजा मामलों में यूएस में एक, थाईलैंड में दो और जापान में एक मामला सामने आया है। यूएस वाले मामले में स्वास्थ्य अधिकारियों ने जानकारी दी है कि यह शख्स चीन के वुहान से अमेरिका आया है।

क्या है कोरोना वायरस

मरीजों से लिए गए इस वायरस के सैंपल की जांच प्रयोगशाला में की गई है। इसके बाद चीन के अधिकारियों और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि यह एक कोरोना वायरस है। कोरोना वायरस कई किस्म के होते हैं लेकिन इनमें से छह को ही लोगों को संक्रमित करने के लिए जाना जाता था। मगर नए वायरस का पता लगने के बाद यह संख्या बढकर सात हो जाएगी


नए वायरस के जेनेटिक कोड के विश्लेषण से यह पता चलता है कि यह मानवों को संक्रमित करने की क्षमता रखने वाले अन्य कोरोना वायरस की तुलना में ’सार्स’ के अधिक निकटवर्ती है। सार्स नाम के कोरोना वायरस को काफी खतरनाक माना जाता है। सार्स के कारण चीन में साल 2002 में 8,098 लोग संक्रमित हुए थे और उनमें से 774 लोगों की मौत हो गई थी।

लक्षण 

1- सिरदर्द
2- नाक बहना
3- खांसी
4- गले में ख़राश
5- बुखार
6- अस्वस्थता का अहसास होना
7- छींक आना, अस्थमा का बिगड़ना
8- थकान महसूस करना
9 -निमोनिया, फेफड़ों में सूजन

यह है बचाव का सबसे शानदार तरीका

ऑरेंटो मेडिकल असोसिएशन के प्रेसिडेंट डॉक्टर सोहैल गांधी के अनुसार, करॉना वायरस से बचने के लिए मास्क पहनने से ज्यादा प्रभावी तरीका है कि आप हैंड वॉश को लेकर अलर्ट रहें। 


पब्लिक प्लेस से आने के बाद घर का कोई भी सामान टच करने से पहले हाथ अच्छी तरह धो लें।

1-पब्लिक प्लेस पर रहने के दौरान कोई भी सामान छूने, बस ट्रेन में जर्नी करने और लोगों से मिलने के बाद अपने हाथ अपने चेहरे पर ना लगाएं।

2- अगर आपको किसी भी तरह की फिजिकल इलनेस फील हो रही है तो बेहतर है कि आप पब्लिक प्लेस पर जाएं ही नहीं और घर में आराम करें। क्योंकि जिस समय हमारी बॉडी थका हुआ महसूस कर रही होती है, 


उस समय हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी पॉवर भी पहले की तुलना में कमजोर होती है। इससे बाहरी वायरस का हम पर ज्यादा हावी होने का चांस बढ़ जाता है।

3- मेडिकल फील्ड एक्सपर्ट्स लोगों को करॉना वायरस के चलते पैनिक ना होने की सलाह दे रहे हैं। इनका कहना है कि पैनिक होकर किसी भी समस्या का समना नहीं किया जा सकता है। सर्जिकल मास्क का बंडल खरीदने या हर समय वायरस के भय में जीने से बेहतर है कि हम स्वच्छता और हाईजीन का पूरा ध्यान रखें। खुद को कोल्ड, कफ और फ्लू से बचाकर रखें।



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