Mahak Vishnoi
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10/01/2020 | 02:03: PM
सोशल / सामाजिक | 28

क्या आपने कभी सोचा है कि किसी अपराधी को फांसी की सजा सुनाने के बाद आखिर उसे फांसी कैसे दी जाती है

have you ever wondered how a criminal is hanged after being sentenced to death



क्या आपने कभी सोचा है कि किसी अपराधी को फांसी की सजा सुनाने के बाद आखिर उसे फांसी कैसे दी जाती है और जल्लाद किस तरह उस व्यक्ति को फांसी देता है... आइए जानते हैं.आपको बता दें, किसी को फांसी देते समय कुछ नियमों का पालन करना जरूरी होता है. जिसके बिना फांसी की प्रक्रिया अधूरी मानी जाती है. बिना नियमों का पालन किए फांसी की प्रक्रिया पूरी नहीं की जाती है.

                                             
                                                                      


फांसी देने के नियम में फांसी का फंदा, फांसी देने का समय, आदि प्रकिया शामिल होती है.बता दें, जब कोर्ट में किसी अपराधी को फांसी की सजा सुनाई जाती है तो पेन की निब तोड़ दी जाती है. जो इस बात का प्रतीक होता है अब उस व्यक्ति का जीवन समाप्त हो गया है.

                                                                      


वहीं फांसी देते वक्त उस वक्त जेल अधीक्षक, एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट, जल्लाद और डॉक्टर मौजूद रहते हैं. इनके बिना फांसी नहीं दी जाती है.फांसी सुबह होने से पहले ही दी जाती है. ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि सुबह जेल के कैदियों का काम बाधित ना हो.  वहीं रात में जेल के कैदी को फांसी देने के बाद परिवार वालों को सुबह अंतिम संस्कार करने के लिए समय भी मिल जाता है.


                                                                     


साथ ही फांसी देने से पहले कैदी को नहलाया जाता है और नए कपड़े पहनाए जाते हैं. जिसके बाद उसे फांसी के फंदे तक लाया जाता है.बता दें, फांसी देने से पहले व्यक्ति की आखिरी इच्छा पूछी जाती है. जिसमें परिवार वालों से मिलना, अच्छा खाना या अन्य इच्छाएं शामिल होती हैं. जो भी व्यक्ति अपनी जिंदगी खत्म करने से पहले करना चाहता है.

                                                                      


जिस अपराधी को फांसी दी जाती है उसके आखिरी वक्त में जल्लाद ही उसके साथ होता है. बता देंं, सबसे बड़ा और सबसे मुश्किल काम जल्लाद का ही होता है. फांसी देने से पहले जल्लाद अपराधी के कानों में कुछ बोलता है जिसके बाद वह चबूतरे से जुड़ा लीवर खींच देता हैं.

                                                                      


दरअसल जल्लाद बोलता है “हिंदूओं को राम राम और मुस्लिमों को सलाम. मै अपने फर्ज के आगे मजबूर हूं. मैं आपके सत्य के राह पे चलने की कामना करता हूं”सार्थक है कि निर्भया केस में पटियाला हाउस कोर्ट में जस्टिस सतीश कुमार अरोड़ा ने चारों दोषियों का डेथ वॉरंट जारी किया. चारों दोषियों को बुधवार, 22 जनवरी को सुबह 7 बजे फांसी दी जाएगी.



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