Mahak Vishnoi
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03/02/2020 | 04:54: PM
धार्मिक / धार्मिक | 50

हर 5 मिनट में रंग बदलता है प्रेम मंदिर वृंदावन,जानें रहस्य

love temple vrindavan changes color every five minutes, learn the secret


 प्रेम मंदिर वृंदावन के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है जो आकार में बहुत बड़ा है। वहीं इस मंदिर को आकार जगदगुरु श्री कृपालुजी महाराज ने वर्ष 2001 में आकार दिया था। यह मंदिर अपनी भव्यता और खूबसूरती के लिए जाना जाता है। वृंदावन का प्रेम मंदिर एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है जो राधा कृष्ण और सीता राम को समर्पित है। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में स्थित इस मंदिर की यात्रा करने के लिए दूर दूर से भक्त यात्रा करते हैं। प्रेम मंदिर वृंदावन एक नवनिर्मित मंदिर है जो पूरे बृज क्षेत्र में सबसे सुंदर है। आरती के समय इस मंदिर में भक्तों की बड़ी भीड़ होती है। प्रेम मंदिर एक आकर्षक संरचना है जो सफेद संगमरमर से निर्मित है और इस पर बहुत जटिल नक्काशी की गई है।
प्रेम मंदिर में भगवान कृष्ण के जीवन का चित्रण करती हुई कई मूर्तियाँ स्थित हैं, यहां कृष्ण के जीवन के विभिन्न दृश्य, जैसे गोवर्धन पर्वत को उठाना को मंदिर की परिधि पर चित्रित किया गया है। 

                                                                      

1-प्रेम मंदिर का इतिहास
प्रेम मंदिर का इतिहास ज्यादा वर्ष पुराना नहीं है। आपको बता दें कि इस मंदिर की आधारशिला 14 जनवरी 2001 को जगदगुरु श्री कृपालु जी महाराज के द्वारा हजारों भक्तों की उपस्थिति में रखी थी। प्रेम मंदिर श्री वृंदावन धाम को समर्पित था और जगद्गुरु कृपालु प्रतिष्ठा (जेकेपी) के प्रायोजन के तहत बनाया गया था, जो एक अंतरराष्ट्रीय, गैर-लाभकारी, आध्यात्मिक, शैक्षिक, सामाजिक और धर्मार्थ संगठन है।
इस संगठन की स्थापना स्वयं जगदगुरु श्री कृपालु जी महाराज द्वारा की गई थी। आपको बता दें कि प्रेम मंदिर का निर्माण होने में लगभग 11 से 12 साल का समय लग गया था। मंदिर का निर्माण पूरा होने के बाद इसे 15 फरवरी से 17 फरवरी 2012 तक उद्घाटन समारोह के बाद 17 फरवरी को जनता के लिए खोल दिया गया।

                                                                                                                                        
2. वृंदावन का प्रेम मंदिर की वास्तुकला
वृंदावन का प्रेम मंदिर एक बेहद भव्य संरचना है जिसका निर्माण पूरा होने में हज़ारों कारीगरों ने दिन-रात काम किया था। आपको बता दें कि मंदिर का निर्माण होने में लगभग 150 करोड़ रूपये खर्च हुए थे। प्रेम मंदिर की वास्तुकला अपनी सुंदरता से हर किसी को मंत्रमुग्ध कर देती है। प्रेम मंदिर का निर्माण राजस्थानी सोमनाथ गुजराती स्थापत्य शैली में किया गया है जो वृंदावन के बाहरी इलाके में 54 एकड़ की एक साइट पर स्थित है। मंदिर की पूरी संरचना का निर्माण अच्छी क्वालिटी के इतालवी संगमरमर का इस्तेमाल करके किया गया है। यह मंदिर ‘प्राचीन भारतीय कला और वास्तुकला में पुनर्जागरण’ का प्रतिनिधित्व करता है।

                                                                                                                 


3-हर 5 मिनट में रंग बदलता है प्रेम मंदिर वृंदावन
प्रेम मंदिर 125 फीट उंचा 122 फीट लम्बा और 115 फीट चौड़ा है। मंदिर के दरवाजों और खिड़कियों पर बेहद सुंदर नक्काशी की गई है, जो यहां आने वाले लोगों को बेहद आकर्षित करती है। इसके अलावा दीवारों और फर्श को रंगीन पत्थरों से सजाया गया है जिन पर कलियों और फूलों के साथ खिलने वाली फूलों की लताओं के चित्र बने हुए हैं। बता दें कि पूरे प्रेम मंदिर को ऐसी सुंदर लाइट के साथ रोशन किया जाता है जो सच में देखने लायक है। बता दें कि मंदिर की लाइट हर पांच मिनट में रंग बदलती है।



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